लेबनान से प्रकाशित होने वाले समाचर पत्र अलअखबार ने इराक़ में होने वाले प्रदर्शनों पर चर्चा की है और कई रोचक तथ्यों की ओर संकेत किया है।
अलअखबार ने लिखा है कि प्रदर्शनों के आरंभ में ही यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि प्रदर्शनकारियों का मक़सद क्या है? कुछ जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किये गये, कुछ अन्य स्थलों पर तोड़ फोड़ की गयी जिससे उनका प्रदर्शन संदिग्ध हो गया। यही लोग, आर्थिक स्थिति और रोज़गार के लिए होने वाले प्रदर्शनों को हिंसक बनाने के ज़िम्मेदार हैं।
रिपोर्ट के अनुसार तीन महीने पहले इराक़ की खुफिया एजेन्सी ने एक योजना का पता लगाया था जिसके तहत यह कार्यक्रम था कि जनता की मांग के नाम पर इराक़ में प्रदर्शनों का आरंभ होगा फिर उसे हिंसा और तोड़ फोड़ की तरफ ले जाया जाएगा जिससे पूरे इराक़ में हंगामे शुरु हो जाएं और अशांति पूरे देश में फैल जाए। सूत्रों ने बताया कि इस साज़िश के अंर्तगत प्रदर्शनों के हिंसक होने की दशा में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में झड़प होगी और फिर अंत में अमरीका के सहयोग से इराक़ का एक लोकप्रिय सैन्य कमांडर सामने आएगा और देश को इन परिस्थितियों से छुटकारा दिलाएगा और इराक़ पर फिर अमरीका का क़ब्ज़ा हो जाएगा।